Skip to main content

eSIM FRAUD से कैसे बचें ?

 जानें कैसे E-SIM ठगी के जरिए। लोगों के खाते से लाखों रुपए इंटरनेट पर बैठें शातिर उड़ा ले गए ।


आजकल ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। और स्कैमर्स इसके लिए नए-नए तरीके आजमाते रहते हैं। साइबर ठगी (Cyber Fraud) के जरिये लोगों को लाखों रुपये की चपत लग रही है। 

अब ई-सिम (E-Sim) का झांसा देकर लोगों को ऑनलाइन (Online) ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. अब ठगों ने यह नया तरीका निकाल है। जिसके द्वारा इंटरनेट (Internet) पर बैठे शातिरों ने लोगों को eSim सर्विस देने के नाम पर बहुत से लोगों के पैसे उड़ा लिए हैं। इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए ऐसे ही पढ़ते रहे।

E-SIM  क्या है ? और ये नॉर्मल सिम कार्ड से अलग कैसे हैं?

eSIM के बारे में जाने से पहले समझना होगा कि सिम कार्ड क्या होता है?
सिम कार्ड से तो आप समझ ही गए होंगे। की मैं किसकी बात कर रहा हूं।
वहीं वाला सिम जो आप अपने मोबाइल में डालते हैं। SIM(SUBSCRIBER IDENTITY MODULE)  छोटा कार्ड होता है जिसमें एक चिप लगी होती है। इस चिप में यूजर्स की पहचान लोकेशन तथा फोन नंबर नेटवर्क ऑथराइजेशन डाटा personal security keys कांटेक्ट लिस्ट तथा टेक्स्ट मैसेज शामिल रहते हैं।
इसमें वॉइस इंक्रिप्शन के लिए आवश्यक डाटा होता है।
यह सिम कार्ड में मोबाइल डिवाइस की पहचान करने के लिए आवश्यक जानकारी स्टोर करती है। जो टेलिकॉम ऑपरेटर को आपकी पहचान बताती है। उसके बाद ही आपरेटर्स आपको नेटवर्क इस्तेमाल करने की इजाजत देता है। तभी हम कॉल कर पाते हैं।ओर मोबाइल में इंटरनेट चला पाते हैं। 
इसी का इलेक्ट्रॉनिक रूप है।eSIM यानि ऐसा सिस्टम जिसमे फिजिकल सिम कार्ड डालने की जरूरत नहीं पड़ती है। बस एक चिप होती है।जो टेलिकॉम नेटवर्क पर रजिस्टर करवाई जाती है।




आजकल टेलीकॉम सर्विस ऑपरेटर्स eSIM SERVICE ऑफर कर रही है। इस सर्विस के तहत यूजर्स बिना सिम कार्ड के टेलीकॉम कंपनियों की सर्विस ले सकते हैं। यानि बिना सिम कार्ड के कॉलिंग,डाटा, और मैसेजिंग कि सुविधा ले सकते हैं।  


किस तरह करते हैं? E-SIM SWEAP FRAUD

साइबर अपराधी सबसे पहले एक सिंपल मैसेज यूजर्स को भेजते हैं। जिसमे कहा जाता है। कि KYC (Know Your Customer)  अपडेट या document पूरी ना होने केे चलते 24 घंटे में आपका सिम ब्लॉक कर दिया जाएगा । जिसके साथ एक लिंक भी दिया रहता है। लिंक पे क्लिक करनेेेे के बाद यूजर्स की निजी जानकारी मांगी जाती हैै। पर जब कोई रिस्पांस नहींं मिलता तो मैसेज के बाद स्कैमर कस्टमर केयर बन कर  कॉल करता है  । और फोन पर ही  KYC या बाकी डॉक्यूमेंट कंप्लीट करने का ऑप्शन देता हैै। ताकि  सिम कार्ड ब्लॉक ना किया जा सके? 
साथ में यूजर्स को एक मैसेज भेजकर उसमे दिए link पर क्लिक करके फॉर्म में मांगी जानकारी भरने को कहा जाता है। जिसमे UID NUMBER,PAN NUMBER,BANK ACCOUNT NUMBER, सहित ATM CARD डीटेल्स और अन्य जानकारी भरने को कहा जाता है। 
इस दौरान स्केमर अपनी Email ID विक्टिम के मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर कर लेते हैं। और यूजर्स  को eSIM की रिक्वेस्ट कंपनी को भेजने केेेे लिए कहता है। यह रिक्वेस्ट ईमेल आईडी की मदद से जाती है। जो स्कैमर  की होती हैै।  eSIM सर्विस activate होने के बाद जनरेट होने वाला क्यूआर कोड स्कैमर केेेे ईमेल आईडी पर पहुंंच जाता हैं।  जब क्यूआर कोड को साइबर अपराधी अपने मोबाइल में स्कैन करता है तो उसके मोबाइल में eSIM ACTIVATE हो जाता है। और यूजर्स का फिजिकल सिम कार्ड काम करना बंद कर देता है। साइबर ठग पहले ही फोन में यूजर्स के निजी जानकारी ले चुका होता है। इसलिए जब तक यूजर्स को कुछ समझ आता है तब तक साइबर अपराधी बैंकिंग डिटेल की मदद से पैसे ट्रांसफर करने का प्रोसेस शुरू कर देते हैं। और ओटीपी भी साइबर अपराधी के उस हैंडसेट पर आता है जिसमें E-SIM एक्टिवेट होता है।

इस तरह विक्टिम को eSIM का झांसा देकर बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिया जाता है।



कैसे बचें। इस तरह के स्कैम से ....?

 सबसे पहले यह बहुत जरूरी है कि इस तरह की स्कैम को समझा जाए। ताकि किसी भी फोन या मैसेज या ईमेल से आपको सिम ब्लॉक करने या अन्य कोई सर्विस के नाम पर मैसेज आए। तो उस पर भरोसा ना करें। क्योंकि केवाईसी से जुड़ा कोई भी प्रोसेस फोन पर नहीं होता है। तो सावधान रहें। साथ ही किसी भी स्थिति में अपने बैंकिंग डिटेल या निजी जानकारी किसी के साथ शेयर ना करें।


आज आपने क्या सीखा..!

मुझे आशा है कि मैंने आप लोगों को  eSIM swap फ्रॉड क्या है। के बारे में पूरी जानकारी दी और मैं आशा करता हूं।की आप लोगो को अच्छे से समझ में आ गया होगा कि eSIM फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है।

यदि आपके मन में इस आर्टिकल को लेकर कोई भी डाउट है या आप चाहते हैं। कि इसमें कुछ सुधार होना चाहिए। तब इसके लिए आप नीचे कमेंट में लिख सकते हैं। आपके उन्हीं विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मौका मिलेगा।

यदि आपको मेरी यह पोस्ट E-SIM स्वैप फ्रॉड क्या है। अच्छा लगा हो या इससे कुछ सीखने को मिला हो। तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को SOCIAL NETWORK'S जैसे TWITTER, FACEBOOK, LINKDINE इत्यादि पर शेयर करें।




Comments

Popular posts from this blog

फेसबुक अकाउंट को हैक होने से कैसे बचाएं। और अगर हैक हो गया है।तो पता कैसे करें।

1 .फिशिंग के उपयोग से फेसबुक हैक फेसबुक अकाउंट हैक करने के लिए सबसे अधिक फिशिंग का उपयोग किया जाता है। इसमें एक फेक पेज बनाकर उस व्यक्ति के पास ईमेल के जरिये भेजा जाता है जिसका अकाउंट हैकर्स हैक करना चाहते हैं। जब वो व्यक्ति उस ईमेल में दिए लिंक पर क्लिक करता है तो उसके अकाउंट का यूजरनाम, पासवर्ड और बाकि सारी जानकारी हैकर्स के पास आ जाती है। कैसे बचें फेसबुक फिशिंग से य​दि आप फेसबुक फिशिंग से बचना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले स्टेप 1.  ध्यान रखें कि अपना फेसबुक अकाउंट किसी अन्य कंप्यूटर पर लॉगइन न करें।अगर करें तो लॉगआउट करना न भूलें स्टेप 2.  ऐसे ईमेल को अनदेखा करें जो आपको नए टैब में फेसबुक अकाउंट ओपेन करने को कहे। स्टेप 3.  कभी भी स्पेमी लिंक को ओपेन न करें बेशक वो आपके किसी दोस्त द्वारा ही क्यों न भेजा गया हो। स्टेप 4.  हमेशा क्रोम ब्राउजर का ही उपयोग करें क्योंकि क्रोम ब्राउजर फिशिंग पेज को पहचानता है। स्टेप 5.  अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस का इस्तेमाल करें। स्टेप 6.  फेसबुक अकाउंट ओपेन करने पर चेक कर लें कि आप फेसबुक डॉट कॉम पर ही हैं, न कि किसी और पेज ...

वीपीएन जो बचाएगा आपके निजी जानकारी को हैकर से जाने कैसे?

जाने कैसे आप अपने मोबाइल डाटा को हैकर से बचा सकते हैं? आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे। कि आप कैसे अपने PERSONAL DATA को Hackers और Snoopers से कैसे बचा सकते हैं। आज के इस डिजिटल युग में पूरी दुनिया की 60% लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं। और दिन पर दिन Android Smartphone के User's पूरी दुनिया में हर दिन होते जा रहे हैं। जहां हर कोई अपना बहुत सारा काम इंटरनेट के जरिए करता है। जैसे Online Transaction , Download और बहुत से Website पर Sing in  करने के लिए अपने Personal Details शेयर करते हैं। Online गतिविधियों के साथ इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। आजकल लोग अपने दैनिक कार्यक्रम को  इंटरनेट पर अपडेट करना भी जरूरी समझते हैं। ऐसे में लोगों को समझना चाहिए कि इंटरनेट पर अपने  Personal Details शेयर करना आपके लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। हमें या कभी नहीं भूलना चाहिए ।कि इंटरनेट की Online दुनिया  पूरी तरह से बुरे लोगों से भरी हुई है। जो आपके personal Details को  Hack कर आपको Blackmail भी  कर सकता है। ऐसे में लोगों के लिए अपनी Personal Detai...

बैंक अकाउंट की हैकिंग कैसे होती है? इससे बचने के क्या क्या उपाय किया जा सकता है??

नमस्कार दोस्तों जय हिन्द, मैं आज  कुछ अहम बाते बताने वाला हूं । आज के इस डिजिटल युग में  इंटरनेट हर किसी की जरूरत  बन गई हैं। इसलिए हर किसी को इसके बारे में जानने की जरूरत है। क्युकी मेरा मानना है। पुराने जमाने में जिसके पास जितना ज्यादा धन होता था। वो उतना ही धनवान होता था।पर आज के युग में जिसके पास जितनी जानकारी हैं।वो उतना धनवान है। आजकल आपको अखबारों में अक्सर पढने को मिलती होगी।की हैकरो ने बैंक शाखाओं में मौजूद खाते से ₹ 47.2 निकाल लिए। जब हम ऐसी खबर सुनते हैं। तो मन ही मन झुंझलाने और उन चोरों को कोसने के अलावा कुछ भी नहीं कर पाते । तो आइये जानते हैं ये सब होता कैसे है ताकि हम ये सब अपने साथ ना होने दें। कृपया कर अंत तक पढें और दूसरों को भी पढाएँ। आशा करता हूँ आपके ये ७-१० मिनट व्यर्थ नहीं जाएंगे। एक तरफ टेक्नोलॉजी इस युग मे वरदान साबित हो रही है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर गलत कार्यों में लगे हुये हैं। इसी तरह आज टेलीविजन, समाचार पत्रों में प्रायः हैकिंग से संबन्धित खबरें देखने को मिलती रहती है जिसमें लोगों के बैंक एकाउंट, एटीएम कार्ड हैक तथा अन्य...