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eSIM जो बदल देगा आपके मोबाइल को........ जाने क्या है। eSIM और कैसे करता है काम

जय हिंद दोस्तों मैं संदीप आज आपको  डिजिटल दुनिया को अच्छी तरह से समझने के लिए कुछ तकनीकी जानकारी के बारे में बताने वाला हूं। आज हम eSIM के बारे में बात करने वाले हैं। आप में से बहुतों ने इसके बारे में कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा। पर क्या आप जानते हैं। क्या है। eSIM  और काम कैसे करता है। अगर नहीं तो मैं आशा करता हूंं। कि आपके कुछ मिनट बेकार नहींं जाएंगे।
आप सभी तो जानते होंगे। कि सिम क्या है। और आप सभी यह भी जानते होंगे कि।बिना सिम कार्ड के किसी भी फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता । सिम एक छोटी सी चीज होती है। जिस के आकार में समय-समय पर परिवर्तन होता आया है। पहले मिनी सिम का इस्तेमाल किया जाता था फिर माइक्रो और नैनो सिम का चलन शुरू हो गया। और अब वर्तमान में eSIM का आया है। आप इसे NEXT GENERATION CONNECTED CONSUMER DEVICE का सिम कह सकते हैं।
eSIM(embedded Subscribe Identity Module)एक छोटी सी चिप है। 
जो आपके फोन को सेल्यूलर प्रोवाइडर के नेटवर्क से कनेक्ट करने की अनुमति देता है। यह physical सिम से अलग है। यह फोन के mainboardमें बनाया गया है। यह NFC Chip के समान ही rewritable है। और सभी प्रमुख Carriers के साथ संगत होगा। चाहे आप किसी भी प्रकार के नेटवर्क का प्रयोग कर रहे हो। आप इसमें physical Sim की सभी सेवाओं को eSIM के जरिए कियाACCESS कर सकते हैं।
eSIM को फोन में अलग से लगाने की आवश्यकता नहीं। इसे phone Developके साथ installकिया जाता है। आप इसे निकाल नहीं सकते।इसके अलावा इसे सभी डिवाइस पर install नहीं कर सकते। इसे Telecome कंपनी द्वारा ही Activate किया जा सकता है।इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है। कि ऑपरेटर बदलने के बाद आपको सिम कार्ड बदलने की जरूरत नहीं होगी। मतलब यह है कि आप कभी भी किसी भी कंपनी का ई सिम को यूज कर सकते हैं बिना eSIM को बदलें।

कब eSIM को Launch  किया गया है

 अभी Apple Divescies iPhone 11, iPhone 11Pro, iPhones 11Pro Max,iphone XE, iPhone XS, iphone XS Max  में Launch किया जा चुका है। साथ ही इसे Apple Watch Series 3 और Series 4 मैं भी देखा जा सकता है। इसे User के द्वारा काफी सहारा जा रहा है। जल्द ही यह सर्विस को Samsung Galaxy Zflip,Samsung Galaxy fold  में भी लांच किया जाएगा। अगर देश की बात करो तो केवल 10 Countries मैं ही फिलहाल ये eSIM Support कर रहा है। पर बहुत ही जल्द ये सर्विस और देशों में यह  उपलब्धक करा दी जाएगी।

किन Devices में eSIM का इस्तमाल किया जा सकता है?

Apple ने eSIM की connectivity का इस्तमाल अपने Apple Watch Series 3 और Watch Series 4 में किया है साथ ही dual SIM support के तोर पर नए iPhone XS और XS Max में भी किया है. Google’s Pixel 2 भी eSIM support करती है लेकिन ये केवल US के Google’s Project Fi तक ही सिमित है.

eSIM कैसे काम करता है?

पूछे जाने पर की ये eSIM कैसे नए iPhone XS और XS Max में कार्य करता है, उन्होंने कहा की अगर आपके पास एक physical और eSIM की provision हो और ये दो separate networks के साथ connected होती हैं तब आपका iPhone दोनों networks को एक साथ screen में प्रदर्शित करेगा वो भी एक ही समय में.

अगर आपका handset standby mode में है और दोनों SIM और eSIM provisioned हैं, तब customers अपने दोनों SIM में calls और texts receive कर सकते हैं. फिर आप एक “default” line choose कर सकते हैं जिसमें आप calls, SMS, iMessage और FaceTime का इस्तमाल कर सकते हैं. वहीँ दूसरा line केवल SMS और voice के लिए ही होता है.

Alternatively आप Secondary का इस्तमाल केवल cellular data के लिए कर सकते हैं – ये useful हो सकता है अगर आप abroad जा रहे हों और एक local data eSIM का इस्तमाल कर रहे हों. साथ ही आप एक से ज्यादा eSIM अपने iPhone में इस्तमाल कर सकते हैं, लेकिन आप केवल एक ही SIM का इस्तमाल एक समय में कर सकते हैं.

आप eSIMs को switch कर सकते हैं बताए गए तरीके से tapping Settings > Cellular > Cellular Plans से और फिर सही plan को tap कर जिसे की आप use कर सकते हैं. फिर आप tap कर सकते हैं Turn On This Line.

eSIM के QAdvantages क्या है?

चलिए eSIM के advantages के विषय में जानते हैं.

  • यह एक nano sim के टुकड़े के size का होता है. इसलिए ये कहीं पर भी fit हो जाता है.
  • इसके लिए SIM tray की कोई भी जरुरत नहीं है.
  • इसमें एक user बहुत ही जल्द दुसरे operator को switch कर सकते हैं. बिना किसी SIM card को बदले. Travellers के लिए ज्यादा उपयोगी होता है.
  • ज्यादा devices को एक साथ आप connect कर सकते हैं. जैसे की अगर आपके पास smartphone है और smartwatch भी है तब आप इन दोनों को एक ही eSIM से connect कर सकते हैं.
  • इसमें remote provisioning की सुविधा होती है जिससे आपको पुराने sim को deactivate होने तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि नए eSIM को आसानी से activate किया जा सकता है.
  • यह SIM card phone के साथ embedded होता है इसलिए ये subscriber के सारे information को store किये हुए होता है जो की mobile subscriber को identify और authenticate करने के लिए जरुरी होता है.
  • नए SIM के लिए आपको SIM card बदलने की कोई जरुरत ही नहीं पड़ती है आप बिना change किये ही ये कर सकते हैं.
  • eSIM बाकि sim card के तुलना में ज्यादा सुरक्षित होता है.



eSIM के Disadvantages क्या है?

जैसे की सिक्के के दो पहलु होते हैं इसलिए eSIM के भी हैं, तो चलिए इसके विषय में और जानते हैं.

  • अगर आपके पास बहुत सारे devices हैं और आप अपने operators regular interval में बदलते रहते हैं तब ये आपके लिए थोडा confusion पैदा करेगा क्यूंकि अगर आपके सभी devices connected हैं तब इसे बदलने में confusion आ सकती है और साथ में आपको SIM card को activate करना होगा उस device के software के मदद से. आप केवल पुराने SIM card को निकालकर नया SIM card लगा नहीं सकते हैं जैसे की आप पहले किया करते थे.
  • अगर आपकी battery low है और आप अपने eSIM को किसी दोस्त के phone से connect कर कोई call करना चाहते हैं तब इसके तकलीफ आ सकती है क्यूंकि Sim card activate होने में थोडा समय लगता है और ये ज्यादा fast और आसान भी नहीं होता है.
  • eSIM को activate करने के लिए आपको operator से contact करना होगा और उनके द्वारा भेजे गए userid और password को enter कर ही आप SIM को activate कर सकते हैं.

eSIMs का भविस्य क्या है?


eSIMs का भविस्य बहुत ही उज्जवल है. Apple और Google जैसे बड़े companies ने इसे इस्तमाल कर ये ऐलान कर दिया है की SIM cards का अगर कुछ भविष्य है तो वो केवल eSIM ही है. नयी GSMA के technology से users बड़ी ही आसानी से दुसरे network operators को switch कर सकते हैं. इसमें उन्हें ज्यादा तकलीफ लेने की जरुरत ही नहीं है बस एक दो phone calls से ये काम किया जा सकता है.

साथ में जैसे की हम सब ये जानते हैं की दिनप्रतिदिन Mobiles और devices की size छोटी होती जा रही है. ऐसे में SIM size एक बहुत ही बड़ा factor है. इसके अलावा rewritable feature के होने से आसनी से operator में बदलाव लाया जा सकता है. साथ में travellers के लिए SIM की कोई tension नहीं होगी. Future eSIM का ही है क्यूंकि एक बार ये यदि आपके devices के साथ embedded हो गया तब आप इसकी सभी features का भरपूर फायेदा उठा सकते हैं.


मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को eSIM क्या है (What is eSIM in Hindi)? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को eSIM क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post eSIM क्या होता है in Hindi अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.







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